शेयर बाजार में हाल ही में जो उतार-चढ़ाव देखा गया है, उसने कई निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है। लगातार गिरावट के बाद अब कुछ रिकवरी नजर आने लगी है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या बाजार ने अपना bottom बना लिया है, या आगे और गिरावट बाकी है?
अगर आप म्यूचुअल फंड SIP में निवेश करते हैं, तो आपके लिए यह सही वक्त है कुछ बातें समझने का। खासकर स्मॉलकैप और मिडकैप फंड्स में पैसे लगाने वाले निवेशकों को थोड़ा सतर्क होकर लेकिन योजना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

बाजार की मौजूदा स्थिति
पिछले दो हफ्तों में स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों ने शानदार रिकवरी दिखाई है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि यही सेगमेंट बीते छह महीनों में सबसे ज्यादा टूटे भी थे। बावजूद इसके, SIP के जरिए इन फंड्स में लगातार निवेश आ रहा है। इसका मतलब यह है कि निवेशक अभी भी लॉन्ग-टर्म नजरिए से भरोसा बनाए हुए हैं।
क्या यह बाजार की असली वापसी है?
विरल भट्ट (Money Mantra) के मुताबिक, स्मॉलकैप और मिडकैप में तेजी जरूर आई है लेकिन ये अभी यह कहना जल्दी होगा कि गिरावट का दौर पूरी तरह खत्म हो गया है। वहीं कीर्तन शाह (Credence Wealth) भी मानते हैं कि बाजार ने bottom बनाया है या नहीं, इस पर अभी टिप्पणी करना मुश्किल है।
उनका मानना है कि स्मॉलकैप सेगमेंट में निवेश के बेहतर मौके बनने लगे हैं, लेकिन मिडकैप फंड्स अभी भी थोड़े महंगे दिखते हैं। चूंकि SEBI के नियमों के मुताबिक मिडकैप फंड्स को सिर्फ 150 कंपनियों में ही निवेश करना होता है, इसलिए इन कंपनियों में कीमतें अपेक्षाकृत ज्यादा होती हैं।
SIP निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?
- लॉन्ग-टर्म नजरिया बनाए रखें: अगर आप 4 से 5 साल या उससे अधिक समय के लिए निवेश कर रहे हैं तो SIP को जारी रखें।
- बाजार में उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं: SIP की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यह वोलैटिलिटी को बैलेंस कर देता है।
Mutual Fund की परफॉर्मेंस
नीचे दी गई टेबल में देखिए म्यूचुअल फंड्स के हालिया प्रदर्शन की झलक:
फंड कैटेगरी | 1 सप्ताह रिटर्न (%) | 6 महीने रिटर्न (%) |
Smallcap | 3.83 | -16.11 |
Midcap | 3.80 | -13.99 |
Large & Midcap | 3.70 | -11.97 |
Value | 3.66 | -12.60 |
ELSS | 3.54 | -11.93 |
Largecap | 3.42 | -10.42 |
(Source: ACE MF, डेटा 25 मार्च 2025 तक)
क्या लंप सम निवेश करना सही रहेगा?
दीपक छाबड़िया (Axiom Financial) का मानना है कि बाजार का सबसे खराब दौर शायद बीत चुका है, लेकिन अगर कोई नकारात्मक घटना होती है तो गिरावट वापस आ सकती है। उनकी सलाह है कि फिलहाल स्मॉलकैप और मिडकैप में लंप सम निवेश न करें।
उनका कहना है कि फंड मैनेजर इन दिनों अपनी होल्डिंग को रिबैलेंस कर रहे हैं। वे उन कंपनियों से पैसे निकाल सकते हैं जिनकी वैल्यूएशन बहुत ज्यादा हो गई है और उन कंपनियों में निवेश कर सकते हैं जो अंडरवैल्यूड हैं। इससे आने वाले दिनों में इन फंड्स में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए?
भले ही बाजार में रिकवरी दिख रही हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जोखिम अब भी बना हुआ है। स्मॉलकैप और मिडकैप कंपनियों के वैल्यूएशन ऐतिहासिक रूप से ऊंचे हैं। इसलिए अगर आप इन सेगमेंट्स में निवेश करना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखें:
- फंडामेंटल मजबूत कंपनियों का चुनाव करें
- प्रोफेशनल मैनेजमेंट और मजबूत कैश फ्लो वाली कंपनियों पर भरोसा करें
- अपने पोर्टफोलियो में लार्जकैप और फ्लेक्सीकैप फंड्स से संतुलन बनाए रखें
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मॉलकैप और मिडकैप सेगमेंट में लिक्विडिटी शॉक सबसे पहले आता है और इन्हीं सेगमेंट्स में रिकवरी सबसे बाद में होती है।
निष्कर्ष
बाजार में हल्की रिकवरी ने भले ही उम्मीदें जगा दी हों, लेकिन SIP निवेशकों को अपने धैर्य को बनाए रखना चाहिए। अगर आपका निवेश horizon लंबा है, तो चिंता की कोई बात नहीं। बस जरूरत है अपने फाइनेंशियल प्लान को लेकर डिसिप्लिन बनाए रखने की और समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करते रहने की।Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। बाजार में जोखिम बना रहता है, इसलिए निर्णय सोच-समझकर लें।
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